ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने भारत-रूस-चीन की नज़दीकी को बताया ‘चिंताजनक’,अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुख्य व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत, रूस और चीन के बीच बढ़ती नज़दीकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में चीन के तिआनजिन में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की दोस्ती भरी मुलाकात को नवारो ने ‘चिंताजनक’ करार दिया।
नवारो का बयान
नवारो ने व्हाइट हाउस से बयान जारी करते हुए कहा – “यह बेहद चिंताजनक है। यह शर्मनाक है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेता दो तानाशाह नेताओं यानी पुतिन और शी जिनपिंग के साथ निकटता दिखा रहा है। यह समझ से परे है।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-अमेरिका संबंध पिछले दो दशकों के सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं।
अमेरिका-भारत में बढ़ा व्यापार तनाव
ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 25% रेसिप्रोकल टैरिफ और रूसी तेल खरीदने पर अतिरिक्त 25% टैक्स लगा दिया है। यानी भारत पर कुल 50% टैरिफ, जो दुनिया में सबसे ज़्यादा है। भारत ने इसे ‘अनुचित और अव्यवहारिक’ बताया है।
‘मोडी क्या सोच रहे हैं?’
नवारो ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि मोदी क्या सोच रहे हैं, खासकर तब जब भारत-चीन के रिश्ते दशकों से तनावपूर्ण रहे हैं और युद्ध की नौबत भी आ चुकी है। भारत को रूस की बजाय अमेरिका, यूरोप और यूक्रेन के साथ खड़ा होना चाहिए और रूसी तेल खरीदना बंद करना चाहिए।”
भारत का रूख
भारत ने साफ कहा है कि रूसी तेल खरीदना उसकी राष्ट्रीय और बाज़ार की ज़रूरत है। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों ने उस पर प्रतिबंध लगाए, जिसके बाद रूस भारत का सबसे बड़ा ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बन गया।
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SCO समिट में गर्मजोशी
SCO समिट में मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग को हाथ मिलाते और हंसते हुए देखा गया। विश्लेषकों का मानना है कि यह तस्वीर अमेरिका के वर्चस्व के खिलाफ एक वैकल्पिक ताकत को दर्शाती है।





