सांध्य दैनिक खबरवाणी, बैतूल:-
नगर की बहुमंजिला इमारतों, सिनेमाघर, शॉपिंग मॉल, अस्पताल, स्कूल एवं अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र लेना राज्य शासन द्वारा अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य शासन के नियमानुसार नगरीय क्षेत्र के प्रमाण पत्र देने का अधिकार नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल को है और ग्रामीण क्षेत्र की अनुमति का अधिकार जिला प्रशासन को है। नगरीय क्षेत्र के फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र के लिए मध्यप्रदेश विद्युत मंडल के रिटायर्ड कर्मचारी जयप्रकाश सोनी को शासन द्वारा अधिकृत कंसलटेंट नियुक्त किया गया है। ज्ञात हो कि जिले में यही एकमात्र अधिकृत कंसलटेंट है जिनके द्वारा शहरी क्षेत्र का फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त किया जा सकता है। फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त करने से पहले उस भवन का नक्शा, भवन में पानी की उपलब्धता, परिसर में रिक्त जमीन एवं अग्निशमन यंत्र समेत कई अन्य आवश्यकता होती हैं। यह सभी कार्य विभिन्न संस्थाओं द्वारा संपादित होने चाहिए पर कंसलटेंट द्वारा यह सभी कार्य स्वयं संपन्न कर दिए जाते हैं। आश्चर्यजनक बात यह है कि नगरीय क्षेत्र के फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट को लेकर जिला प्रशासन का इसमें कोई दखल नहीं है न तो उन्हें किसी प्रकार का अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करना होता है न ही कोई निरीक्षण किया जाता है, जिसके चलते कंसलटेंट नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल से प्रमाण पत्र लाकर प्रतिष्ठान के मालिक को दे देते हैं। पर इस पूरी कार्रवाई में न ही जिला प्रशासन और न ही नगरपालिका परिषद द्वारा किसी तरह की जांच या सर्वेक्षण किया जाता है। अर्थात फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र के लिए बैतूल नगर सिर्फ एकलौते कंसलटेंट पर निर्भर है और कंसलटेंट द्वारा भी चेहरा देखकर अपनी फीस तय की जाती है जो कम से कम 6 अंकों में होना बताया जा रहा है। अभी कुछ दिन पूर्व ही नगरपालिका द्वारा 200 के आस-पास व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए नोटिस जारी करने की बात सामने आई है मतलब सोनी जी को घर बैठे लगभग 200 ग्राहक और मिलने वाले हैं।
इस संदर्भ में अतिरिक्त कलेक्टर राजीव श्रीवास्तव से चर्चा करने का प्रयास किया गया पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया। ग्रामीण क्षेत्र की अनुमति के लिए जिला प्रशासन द्वारा अतिरिक्त कलेक्टर को प्रभार दिया गया है।