खबरवाणी
भव्य कलश यात्रा के साथ 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ
पीत वस्त्रों से सुसज्जित हुआ नगर, चार दिनों तक चलेगा यज्ञीय अनुष्ठान,
आमला।अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा नगर में आयोजित 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। नगर में चारों ओर पीत वस्त्रों से सुसज्जित मातृशक्तियों ने आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। नगर की विभिन्न दिशाओं से निकली कलश यात्राएं स्थानीय हवाई पट्टी रेलवे स्टेडियम पर एकत्रित हुईं, जहां 2100 कलशों में जल पूजन कर देवशक्तियों का आवाहन किया गया और यज्ञशाला में उनका विधि-विधान से स्थापना की गई।
यज्ञीय अनुष्ठान के प्रथम दिवस की शुरुआत गायत्री परिवार द्वारा संपन्न कलश शोभायात्रा से हुई। पूरे नगर को विचार क्रांति अभियान के पीले ध्वजों और पुष्प सज्जा से अलंकृत किया गया। गणेश लॉन नाका बोड़खी टंडन केम्प गेट बंधा रोड भीमनगर गोविन्द कॉलोनी राठौर मोहल्ला पीर मंजिल मैन मार्केट जनपद चौक बस स्टैंड रेलवे कॉलोनी से निकली कलश यात्रा ने पूरे नगर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।समस्त मातृशक्तियों का पूजन, वंदन एवं आरती महिला मंडल ने किया। मुख्य ट्रस्टी गायत्री परिवार आमला बीपी धामोडे ने बताया कि यह महायज्ञ सभी के दुख निवारण एवं विचार निर्माण का अवसर है। हम सबमें देवत्व का वास जागृत हो, व्यक्ति के विचार बदलें इसी उद्देश्य से यह यज्ञीय अनुष्ठान आयोजित है। उन्होंने आगे कहा कि जहां गायत्री यज्ञ होता है, वहां लोगों का दृष्टिकोण स्वत: परिवर्तन की ओर अग्रसर होता है। जैसे नदियाँ समुद्र में जाकर मिल जाती हैं, वैसे ही यज्ञ के माध्यम से मनुष्य के दोष और कषाय शांत होकर देवत्व की ओर प्रगति होती है। यज्ञ जीवन का अनुशासन है, और जो हम यज्ञ में अर्पित करते हैं, उसका शुभ फल हमें अनेक गुना प्राप्त होता है। शास्त्रों में यज्ञ को सर्वोत्तम कर्म कहा गया है। आयोजकों ने बताया कि अनुष्ठान शनिवार को सुबह 8 से 11 देवपूजन, गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार शाम 6 से 9संगीत प्रवचन (राष्ट्र समर्थ और सशक्त कैसे बने) 21 दिसंबर को प्रातः 8 से 11 बजे तक गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार, शाम 5 से रात्रि 9 बजे तक डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी द्वारा विशिष्ट उद्बोधन एवं विराट दीप महायज्ञ गायत्री महायज्ञ होगा। 22 दिसम्बर दिन-सोमवार को सुबह 8 बजे से गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी।






