महाशिवरात्रि का पावन पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शिव ने माता पार्वती से विवाह किया था। इस खास दिन शिवभक्त व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। लेकिन कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि शिवलिंग पर क्या चढ़ाना शुभ है और क्या चढ़ाना मना है। आइए आसान देसी भाषा में समझते हैं शिवलिंग पूजा के नियम।
शिवलिंग पर क्या चढ़ाना शुभ होता है?
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना सबसे शुभ माना जाता है। इसके साथ कच्चा दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत बनाकर अभिषेक करना भी बहुत फलदायी माना गया है।
बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग, चंदन, भस्म, नारियल, अनार, केला, आम, गन्ना, काले जामुन, कमल का फूल, शमी के फूल आदि भगवान शिव को बेहद प्रिय माने जाते हैं। देसी मान्यता है कि सच्चे मन से चढ़ाया गया साधारण जल भी भोलेनाथ को खुश कर देता है।
शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर टूटे-फूटे सामान, बासी या सड़े-गले फल, काले धब्बे वाले फल, मुरझाए फूल, कांटेदार फूल और पुराने चढ़ावे नहीं चढ़ाने चाहिए।
लाल रंग के कुछ फूल और सूरजमुखी का फूल भी नहीं चढ़ाया जाता। माना जाता है कि ऐसी चीजें चढ़ाने से पूजा का फल नहीं मिलता और भगवान शिव नाराज हो सकते हैं।
शिवलिंग पर किस बर्तन से जल चढ़ाएं?
जलाभिषेक के लिए तांबे, पीतल, चांदी या कांसे के लोटे का इस्तेमाल शुभ माना गया है। देसी परंपरा में तांबे का लोटा सबसे अच्छा माना जाता है।
स्टील या प्लास्टिक के बर्तन से जल चढ़ाना शास्त्रों में उचित नहीं बताया गया है। कोशिश करें कि साफ-सुथरे और धुले हुए बर्तन का ही प्रयोग करें।
शिवलिंग पूजा करते समय ध्यान रखने वाले नियम
शिव पूजा हमेशा स्नान करके और साफ कपड़े पहनकर करनी चाहिए। पूजा करते समय मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें।
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए जल और अन्य सामग्री अर्पित करें। पूजा के बाद शिवलिंग की आधी परिक्रमा करना शुभ माना जाता है।
महाशिवरात्रि पर ऐसे करें सच्ची भक्ति
महाशिवरात्रि पर दिखावे से ज्यादा भाव जरूरी है। भोलेनाथ को सादा जीवन और सच्ची श्रद्धा पसंद है।
व्रत रखें, मन को शांत रखें, किसी का दिल न दुखाएं और पूरी श्रद्धा से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
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