मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच United Kingdom ने United States को बड़ा झटका दिया है। ब्रिटेन ने साफ कर दिया कि वह अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए नहीं करने देगा। “दोस्ती अपनी जगह, लेकिन नियम भी जरूरी हैं”।
स्टार्मर का सख्त रुख
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने इस फैसले पर मुहर लगाई। उन्होंने कहा कि नागरिक ठिकानों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इसे वॉर क्राइम माना जा सकता है। “सीधी बात – गलत काम में साथ नहीं देंगे”।
कौन-कौन से बेस पर रोक?
अमेरिका RAF Fairford और Diego Garcia जैसे अहम बेस का इस्तेमाल करना चाहता था। ये बेस लंबी दूरी के बॉम्बर्स के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। लेकिन अब ब्रिटेन ने इन पर रोक लगा दी है। “बड़े गेम में बड़ा ब्रेक लगा दिया”।
पहले दी थी इजाजत, अब बदला रुख
गौरतलब है कि पहले ब्रिटेन ने “collective defense” के तहत अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। लेकिन हालात बदलते ही उसने अपना रुख सख्त कर लिया। “समय के साथ फैसला भी बदल गया”।
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ईरान की चेतावनी भी बनी वजह
Iran ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ब्रिटेन अमेरिका को बेस देता है, तो उसे युद्ध में शामिल माना जाएगा। इससे ब्रिटेन ने जोखिम नहीं लिया और दूरी बना ली। “अपनी सुरक्षा पहले – यही सोच रही UK सरकार”।





