द ग्रेट खली का असली नाम दलीप सिंह राणा है। हिमाचल प्रदेश से निकलकर WWE जैसी बड़ी कंपनी में नाम बनाना आसान नहीं था, लेकिन खली ने ये कर दिखाया। 2006 में WWE डेब्यू के साथ ही उन्होंने अंडरटेकर जैसे दिग्गज को हराकर सबको चौंका दिया। उनकी ऊंचाई और पावर देखकर खुद विंस मैकमैहन ने उन्हें बड़ा पुश दिया। देखते-ही-देखते खली WWE के सबसे खतरनाक रेसलर्स में गिने जाने लगे।
स्मैकडाउन से रॉ और फिर वापसी
शुरुआत में खली स्मैकडाउन ब्रांड का हिस्सा थे, जहां उन्होंने कई दमदार मुकाबले दिए। जनवरी 2007 में उन्हें रॉ ब्रांड में शिफ्ट किया गया। यहां उनका फ्यूड केन के साथ हुआ। WrestleMania 23 में खली ने केन को हराकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। इसके बाद जॉन सीना के साथ उनकी दुश्मनी भी काफी चर्चा में रही। जून 2007 में खली की वापसी स्मैकडाउन में हुई, और यहीं से इतिहास बनने वाला था।
खाली हुआ वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप का ताज
2007 में वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप अचानक खाली हो गई। WWE ने फैसला लिया कि नया चैंपियन एक बड़े बैटल रॉयल मैच से तय होगा। स्मैकडाउन में 20-मैन बैटल रॉयल का ऐलान हुआ। इस मुकाबले में WWE के टॉप रेसलर्स शामिल थे, लेकिन सबकी नजरें सिर्फ एक इंसान पर थीं – द ग्रेट खली।
20-मैन बैटल रॉयल में खली का कहर
20 जुलाई 2007 को हुए इस मुकाबले में खली ने ऐसा कहर बरपाया कि फैंस आज भी याद करते हैं। एक-एक करके 19 रेसलर्स खली के सामने टिक नहीं पाए। कोई उन्हें एलिमिनेट नहीं कर सका। उनकी ताकत और साइज के आगे हर सुपरस्टार फेल हो गया। आखिरकार खली आखिरी रेसलर के रूप में रिंग में बचे और वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन बन गए।
भारतीय रेसलिंग इतिहास का सुनहरा पल
द ग्रेट खली का वर्ल्ड चैंपियन बनना भारतीय WWE फैंस के लिए गर्व का पल था। उन्होंने साबित कर दिया कि भारत के रेसलर्स भी दुनिया के सबसे बड़े मंच पर राज कर सकते हैं। 19 रेसलर्स को हराकर चैंपियन बनना आसान नहीं था, लेकिन खली ने इतिहास रच दिया। आज भी उनका नाम आते ही WWE में भारत की पहचान याद आ जाती है।
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