डायबिटीज आज के समय की एक बड़ी बीमारी बन चुकी है। लगभग हर घर में कोई न कोई ब्लड शुगर की परेशानी से जूझ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि रोज़ की थाली में क्या रखें और क्या नहीं। खासकर आलू और शकरकंद को लेकर लोगों के मन में काफी कन्फ्यूजन रहता है। कई लोग कहते हैं कि आलू खाने से शुगर तुरंत बढ़ जाती है, तो कुछ लोग शकरकंद को सेहतमंद मानते हैं। चलिए आसान और देसी भाषा में समझते हैं कि डायबिटीज में क्या सही है।
डायबिटीज में डाइट का सही चुनाव क्यों जरूरी?
डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए दवा के साथ-साथ खान-पान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। अगर आप बिना सोचे-समझे ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खा लेंगे तो ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम ऐसी चीजें खाएं जो धीरे-धीरे पचें और शरीर में शुगर को कंट्रोल में रखें। सही डाइट से न सिर्फ शुगर कंट्रोल रहती है, बल्कि कमजोरी और थकान भी कम होती है।
हर आलू एक जैसा नहीं होता
सबसे पहले ये समझ लें कि हर आलू एक जैसा नहीं होता। भारत में अलग-अलग किस्म के आलू मिलते हैं। 100 ग्राम आलू में करीब 17 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। अगर आलू को तेल में तलकर खाया जाए, जैसे फ्रेंच फ्राइज या चिप्स, तो उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बढ़ जाता है और शुगर तेजी से बढ़ सकती है। लेकिन अगर आलू को उबालकर या भाप में पकाकर खाया जाए और ठंडा होने के बाद खाया जाए, तो उसका असर थोड़ा कम हो सकता है। मतलब साफ है – तरीका और मात्रा दोनों मायने रखते हैं।
शकरकंद क्यों मानी जाती है बेहतर?
शकरकंद को अक्सर डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर माना जाता है। 100 ग्राम शकरकंद में लगभग 20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है, लेकिन इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स आम आलू से कम होता है। इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने देता है। साथ ही इसमें विटामिन A, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया है कि शकरकंद इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने में मदद कर सकती है।
डायबिटीज में आलू कैसे खाएं?
अगर आपको आलू बहुत पसंद है तो उसे पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। बस समझदारी से खाएं। कम मात्रा में उबला हुआ आलू दाल, हरी सब्जी और सलाद के साथ मिलाकर खाएं। अकेले आलू की बड़ी प्लेट खाने से बचें। तली-भुनी चीजें जैसे आलू के पकौड़े, चिप्स और पराठे से दूरी बनाएं। देसी भाषा में कहें तो “जितनी चादर हो उतने ही पैर फैलाओ” – यानी मात्रा कंट्रोल में रखें।
डायबिटीज मरीज की थाली कैसी होनी चाहिए?
डायबिटीज में सबसे जरूरी है बैलेंस। आपकी थाली में आधी जगह हरी सब्जियां और सलाद की होनी चाहिए, एक हिस्सा प्रोटीन जैसे दाल, चना या पनीर का, और थोड़ा हिस्सा कार्बोहाइड्रेट का। अगर ऑप्शन मिले तो आलू की जगह शकरकंद चुनना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। सही जानकारी, सही मात्रा और सही पकाने के तरीके से आप दोनों को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं और शुगर भी कंट्रोल में रख सकते हैं।
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