नीम को आयुर्वेद में “गाँव की दवा” कहा जाता है। Neem की पत्तियां औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। इनमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीवायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। अगर आप सुबह खाली पेट 5–6 नीम की पत्तियां चबा लेते हैं, तो यह शरीर को अंदर से साफ करने का काम करती हैं। लेकिन ध्यान रहे, ज्यादा मात्रा में सेवन करना नुकसान भी पहुंचा सकता है। आइए देसी अंदाज़ में जानते हैं इसके फायदे।
इम्यूनिटी को बनाती है मजबूत
सुबह-सुबह खाली पेट नीम की पत्तियां चबाने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। मौसम बदलते ही होने वाली सर्दी-खांसी, बुखार जैसी दिक्कतों से बचाव होता है। देसी भाषा में कहें तो शरीर अंदर से ताकतवर बनता है और बार-बार बीमार पड़ने की नौबत कम आती है। जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर रहती है, उनके लिए नीम रामबाण साबित हो सकता है।
खून की सफाई और शरीर का डिटॉक्स
नीम की पत्तियां खून को साफ करने में मदद करती हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर में जमे गंदे टॉक्सिन बाहर निकालने में सहायक होते हैं। अगर आपको फोड़े-फुंसी या खून की गंदगी की शिकायत रहती है, तो नीम की पत्तियां फायदा पहुंचा सकती हैं। देसी नुस्खों में इसे “खून साफ करने वाली जड़ी” भी कहा जाता है।
त्वचा को बनाए चमकदार और साफ
नीम की पत्तियां पेट को साफ रखती हैं और जब पेट सही रहता है तो चेहरा अपने आप ग्लो करने लगता है। इसके एंटीबैक्टीरियल गुण मुंहासों और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करते हैं। गांवों में आज भी लोग नीम की पत्तियां पीसकर फेस पर लगाते हैं और सुबह खाली पेट चबाकर खाते भी हैं, जिससे त्वचा अंदर और बाहर दोनों तरफ से हेल्दी रहती है।
दांत और मुंह की सेहत के लिए फायदेमंद
नीम की पत्तियां चबाने से दांत मजबूत होते हैं और मुंह की बदबू दूर होती है। पुराने जमाने में लोग नीम की दातुन करते थे। इससे मसूड़ों की सूजन कम होती है और कीड़े लगने की संभावना घटती है। अगर रोज सुबह 2-3 मिनट नीम चबा लिया जाए, तो मुंह की कई समस्याएं दूर हो सकती हैं।
जोड़ों के दर्द में राहत
नीम में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन कम करने में मदद करते हैं। जिन लोगों को जोड़ों में दर्द या हल्की सूजन की शिकायत रहती है, उन्हें इससे राहत मिल सकती है। हालांकि यह कोई तुरंत असर करने वाली दवा नहीं, लेकिन नियमित सेवन से फायदा देखा जा सकता है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
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रोज 5–6 पत्तियों से ज्यादा सेवन न करें।
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अच्छी तरह धोकर ही खाएं।
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गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं नीम का सेवन न करें।
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जो लोग ब्लड थिनर दवा लेते हैं, वे डॉक्टर की सलाह के बिना नीम न खाएं।
नीम की पत्तियां देसी और सस्ती दवा जरूर हैं, लेकिन समझदारी से सेवन करना ही असली फायदा देता है।
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