ऑटोमैटिक कार चलाना जितना आरामदायक होता है, उतना ही टेंशन तब बढ़ जाता है जब अचानक गियर काम करना बंद कर दे। कई बार गाड़ी Park (P) से बाहर नहीं आती या चलते-चलते एक ही गियर में अटक जाती है। ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। थोड़ी समझदारी और कुछ आसान देसी तरीके अपनाकर आप बड़ी मुसीबत से बच सकते हैं।
पहले समझें दिक्कत क्या है?
सबसे पहले यह पहचानना जरूरी है कि समस्या किस तरह की है। आमतौर पर दो हालात होते हैं –
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गाड़ी Park (P) से बाहर नहीं आ रही।
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गाड़ी चलते समय एक ही गियर में फंस गई है (इसे Limp Mode कहते हैं)।
अगर सही समस्या समझ में आ जाए तो आधा काम वहीं हो जाता है। बिना सोचे-समझे टो ट्रक बुलाने से पहले खुद जांच लें।
ब्रेक पैडल को पूरा दबाएं
कई बार छोटी सी गलती बड़ी परेशानी बन जाती है। ऑटोमैटिक कार में सेफ्टी सिस्टम होता है जो ब्रेक दबाए बिना गियर बदलने नहीं देता।
तो सबसे पहले आराम से ब्रेक पैडल को पूरी ताकत से दबाएं और फिर गियर बदलने की कोशिश करें। अक्सर यही देसी जुगाड़ तुरंत काम कर जाता है।
शिफ्ट लॉक रिलीज का इस्तेमाल करें
ज्यादातर ऑटोमैटिक गाड़ियों में गियर लीवर के पास एक छोटा सा Shift Lock Release स्लॉट होता है। यह इमरजेंसी के लिए दिया जाता है।
आप चाबी या किसी पतली चीज से इसे दबाकर गियर को न्यूट्रल में ला सकते हैं। इससे गाड़ी को साइड में लगाना या टो करना आसान हो जाता है। काम आसान, टेंशन खत्म।
बैटरी और स्टीयरिंग लॉक जरूर चेक करें
अगर डैशबोर्ड की लाइट हल्की दिख रही है या इलेक्ट्रिक सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा, तो हो सकता है बैटरी कमजोर हो।
ऐसी हालत में जंप-स्टार्ट करने से समस्या सुलझ सकती है।
कभी-कभी स्टीयरिंग लॉक होने की वजह से भी गियर शिफ्ट नहीं होता। ब्रेक दबाकर स्टीयरिंग को हल्का सा दाएं-बाएं घुमाएं और फिर गियर बदलकर देखें। कई बार यह देसी तरीका झट से काम कर जाता है।
ट्रांसमिशन फ्लूड पर रखें नजर
अगर गाड़ी एक ही गियर में अटक रही है तो ट्रांसमिशन फ्लूड कम या गंदा हो सकता है।
मौका मिले तो फ्लूड का लेवल और उसका रंग जरूर जांच लें। अगर फ्लूड काला या बदबूदार लगे तो समझ जाएं कि सर्विस सेंटर जाने का समय आ गया है।
कब लें एक्सपर्ट की मदद?
अगर ऊपर बताए गए सारे उपाय करने के बाद भी गियर ठीक नहीं होता, तो ज्यादा हीरो बनने की जरूरत नहीं है। किसी अनुभवी मैकेनिक को दिखाएं या टो ट्रक बुलाएं। समय पर सही मरम्मत आपकी गाड़ी और आपकी जान – दोनों को सुरक्षित रखती है।
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