मेरठ उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में नगरपालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल को जाने से रोक दिया गया। काफी देर तक चेयरपर्सन जिला पंचायत सभागार के बाहर कुर्सी पर पर बैठी इंतजार करती रहीं कि उन्हें अंदर बुलाया जाएगा। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने महिला चेयरपर्सन को अंदर यह कहकर नहीं जाने दिया कि बैठक में शामिल होने वाले जनप्रतिनिधियों की सूची में उनका नाम नहीं है। लेकिन जब इंतजार की इंतेहा हो गई तो महिला चेयरपर्सन का धैर्य जवाब दे गया। वह अफसरों के सामने फफक-फफक कर रोने लगी और कहा कि मेरे साथ अन्याय हो रहा है।

नगर की प्रथम महिला हूं और मेरे साथ यह व्यवहार

जिला पंचायत सभागार में सीएम योगी आदित्यनाथ की जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक थी। जब महिला चेयरपर्सन को बैठक में नहीं जाने दिया तो रोते हुए उन्होंने अपना दर्द अफसरों के सामने बयां किया। चेयरपर्सन ने कहा- मैं नगर की प्रथम महिला हूं। भाजपा की जनप्रतिनिधि हूं। मेरा साथ ये व्यवहार। मुझे ही बैठक में जाने की अनुमति नहीं मिल रही। ये अन्याय है। बाद में सीओ सिटी कुलदीप कुमार ने अफसरों से वार्ता कर चेयरपर्सन को अंदर बैठक में भेजा। अंदर जाकर भी चेयरपर्सन काफी देर भावुक रहीं।

मेरी गलती कि मैं काम कर रही हूं

चेयरपर्सन ने कहा मैं काम कर रही हूं, धरातल पर काम कर रही हूं यही मेरी गलती है। मैं तो सीएम से मिलना चाहती थी। अब मेरे सब्र का बांध टूट चुका है। ये किसने किया इसकी मुझे जानकारी नहीं है। मैं इस्तीफा नहीं दूंगी ‌क्योंकि मुझे काम करना है। जिस तरह सबको सम्मान दिया जा रहा है मुझे भी दिया जाए।

कांग्रेस से जीता था चुनाव, फिर भाजपा में शामिल

नगरपालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का परिवार नगर में चर्चित परिवार है। राजनीति में उनके परिवार की अच्छी पकड़ है। अंजू अग्रवाल ने कांग्रेस से चुनाव जीता था। जीतने के बाद भाजपा में शामिल हुई थीं।