नई दिल्‍ली| पीवी सिंधु न केवल बैडमिंटन इतिहास में भारत के लिए ओलिंपिक खेलों में दो मेडल जीतने वाली पहली शटलर बनीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा के किसी भी ओलिंपिक इवेंट में वे ऐसा करने वाली भारत की पहली महिला एथलीट भी बन गईं। इससे पहले उन्होंने रियो ओलिंपिक खेलों में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। टोक्यो ओलंपिक में सेमीफाइनल में हार के बावजूद अपनी प्रतिभा की चमक को बनाए रखते हुए उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया।पीवी सिंधु विश्व चैंपियनशिप से लेकर ओलिंपिक खेलों तक लगातार भारत को गर्व करने के अवसर प्रदान करती रही हैं। यही कारण है कि हम कह सकते हैं कि कामयाबी को पीवी सिंधु ने अपनी आदत बना लिया है और अभी उनका ये सफर जारी है। सोचिए कि वह बैडमिंटन रैकेट कितना कीमती होगा, जिससे पीवी सिंधु ने इतिहास बनाया। बिल्कुल सही सोचा आपने वाकई वह रैकेट बेशकीमती है, लेकिन राष्ट्र के हित मे एक बड़े उद्देश्य के लिये अब पीवी सिंधु का वह ऐतिहासिक रैकेट को कोई भी अपना बना सकता है।पीवी सिंधु ने ओलंपिक में विजय पताका फहराने के बाद भारत लौट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना रैकेट उपहार स्वरूप भेंट कर दिया। वहीं, प्रधानमंत्री ने खुद को मिले उपहारों का ई-आक्शन शुरू कर दिया है, जिसमें पीवी सिंधु का बैडमिंटन भी उस सूची में शामिल है, जिनका आक्शन किया जा रहा है। यह ई-आक्शन 17 सितंबर से शुरू हुआ है और 7 अक्टूबर तक चलेगा। सिंधु की उपलब्धि की निशानी को आप हासिल कर गौरवांवित हो सकते हैं। इसके लिए आपको पीएममेमेंटोज डॉट जीओवी डॉट इन पर लाग इन करना होगा और ई-आक्शन में हिस्सा लेना होगा। पीवी सिंधु के रैकेट की बेस प्राइस 80 लाख रुपये रखी गई है।