ओलंपिक क्वालीफाई करने वाले भारत के एकमात्र पुरुष एकल बैडमिंटन खिलाड़ी बी साई प्रणीत को उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ी आगामी टोक्यो ओलंपिक में तीनों वर्ग में पदक जीतेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप पिछले परिणामें को देखें तो महिला एकल, पुरुष एकल और पुरुष युगल तीनों वर्ग में हमारे पास पदक जीतने का मौका है। पी वी सिंधू पिछली बार की पदक विजेता है और सात्विक तथा चिराग ने भी टूर्नामेंट जीते हैं। ये सभी अनुभवी खिलाड़ी हैं और इन्हें हराना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा।’’ वहीं स्वयं को लेकर प्रणीत ने कहा, ‘‘इस बारे में कुछ भी कहना बेहद मुश्किल है। अपने दिन मैं किसी को भी हरा सकता हूं पर यह ओलंपिक है और मुकाबला काफी कड़ा होगा क्योंकि सभी खिलाड़ी मानसिक और शारीरिक रूप से शत प्रतिशत फिट होंगे। 
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कोई भी मुकाबला आसान नहीं होगा।’’ भारतीय खिलाड़ियों का पदक का सफर हालांकि आसान नहीं रहने वाला। पुरुष एकल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जापान के केंटो मोमोटा के अलावा डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन और एंडोर्स एंटोनसेन चुनौती पेश करेंगे जो विश्व में क्रमश: दूसरी और तीसरी रैंकिंग के खिलाड़ी हैं। दुनिया के 15वें नंबर के खिलाड़ी प्रणीत ने कहा कि कई टूर्नामेंट रद्द होने से उन्हें मैच अभ्यास का मौका भले ही नहीं मिला हो लेकिन तैयारी का पर्याप्त मौका मिला जो सामान्य हालात में मिलना काफी मुश्किल होता है। उन्होंने कहा, ‘‘कई टूर्नामेंट रद्द हुए इसलिए हमें तैयारी करने का पर्याप्त मौका मिला। हमारे पास तैयारी के लिए काफी समय था क्योंकि पिछले डेढ़ साल में बामुश्किल दो या तीन टूर्नामेंट में खेलने को मिला। निश्चित तौर पर इस दौरान हमने सभी पहलुओं पर काम किया जिसमें खेल के अलावा शारीरिक और मानसिक फिटनेस भी शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा लक्ष्य शारीरिक रूप से फिट रहना था क्योंकि अगर मैं शारीरिक रूप से फिट हूं तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकता हूं। मेरा हमेशा से मानना है कि शारीरिक फिटनेस और आत्मविश्वास के कारण मैं बेहतर खेल पाता हूं। मैंने कड़ी मेहनत की है और ओलंपिक में पदक जीतने की पूरी कोशिश करूंगा और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा।’’