भोपाल । हर व्यक्ति के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी अपडेट रखने और पूरी जानकारी ऑनलाइन करने के लिए अब आधार कार्ड की तर्ज पर डिजिटल हेल्थकार्ड बनाए जाएंगे। इसमें कई वर्षों बाद भी आप अपना रिकॉर्ड आईडी से जान सकेंगे।दरअसल, जिस तरह आधार नंबर से हम अपनी पूरी जानकारी ऑनलाइन जुटा सकते हैं, ठीक उसी तरह भारत सरकार ने हर व्यक्ति के स्वास्थ्य की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर डालने की योजना बनाई है। इसके तहत व्यक्तिगत जानकारी, बीमारी संबंधी जानकारी और कौन सी जांच कब हुई है यह भी उसमें रहेगी। कुल मिलाकर डिजिटल हेल्थमिशन के तहत आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत के लिए राष्ट्रीय स्तर पर यह शुरुआत की गई है। राजगढ़ जिले में इसके लिए डीपीएम, बीपीएम सहित अन्य ऑपरेटर्स को प्रदेश स्तर पर ट्रैनिंग दी गई है, जिसमें इसके बारे में विस्तृत बताया गया है।

इस तरह से काम करेगा एनसीडी क्लानिक
एनसीडी क्लीनिक यानि नॉन कम्यूनिकेबल डिसिज का काम ऐसी बीमारियों की जानकारी लेकर रखना जो बिना लक्षण के अचानक हो जाती हैं। राजगढ़ जिले में फिलहाल कैंसर (तीन प्रकार का कैंसर), ब्लड प्रेशर औ शुगर मरीजों को इस दायरे में रखा गया है। उक्त क्लीनिक पर जाकर संबंधित मरीज अपनी जानकारी अपडेट करा सकता है। इसमें शुरुआती स्क्रीनिंग के माध्यम से ही मरीज का उपचार किया जाएगा। बता दें कि जिले में वर्तमान में 70 फीसदी मौतें इन्हीं बीमारियों से हो रही हैं। इनमें हार्ट अटैक (बीपी, शुगर के कारण), कैंसर और अन्य शामिल हैं। शासन की योजना है कि इनकी काउंसलिंग समय रहते एनसीडी क्लीनिक पर हो जाए, तो इनका उपचार समय से शुरू हो पाएगा। इसलिए ऐसे मरीज जो ओपीडी में रूटीन बीमारी के अलावा अन्य तरह से आते हैं, उन्हें इस क्लीनिक का लाभ मिलेगा, वे अपनी जानकारी यहां दे सकते हैं।

ये रहेगा डिजिटल हेल्थकार्ड का फायदा
नॉन कम्युनिकेबल डिजिज की हिस्ट्री रह पाएगी। देश, विदेश में कही भी जाने पर ऑनलाइन आईडी के माध्यम से मरीज की जानकारी मिलेगी। निजी अस्पतालों में सिंगल क्लीक में मिलने वाली जानकारी आम आदमी को देशभर में कहीं भी मिल जाएगी। बीमारी ज्यादा पांव नहीं पसार पाएगी, प्रॉपर काउंसलिंग उसकी होती रहेगी। अक्सर कागजात, पर्चे इत्यादि भूल जाने वाले लोगों को इससे काफी मदद मिलेगी। शासन के रिकॉर्ड में भी यह पता चल पाएगा कि कौन सी बीमारी ज्यादा पनप रही है।