ग्वालियर ।स्मार्ट सिटी योजना मे शामिल होने के बाद भी नगर की सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। महानगर की पॉश कॉलोनियां हो या  गली मोहल्ली सभी जगह कचरे के ढेर लगे नजर आ रहे है। नगर को कागजों में भले की ओडीएफ घोषित कर दिया गया है लेकिन आज भी सिटी सेंटर जैसे इलाकें मे रहने वाले झुग्गी झोपडीवासी खुले मेंं ही शौच करते नजर आते है।सफाई को लेकर नगर निगम के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हे।कचरेदानों की कचरा नहीं उठ रहा है तो कचरे जलाने पर प्रतिबंध के बाद भी सफाई कर्मी कचरे को आग के हवाले कर देते है जिससे आम लोगों को परेशाानी का सामना करना पडा रहा है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का वाहन भी कई इलाकों मे रोजना नहीं जा रहा है। नगर निगम के कगाजों मे शहर के गली मोहल्लो तथा कॉलोनियोंं मे रोजना झाडू लगाने के दावे भी खोखले साबित हो रहे है।शहर के प्रमुख मार्ग भले ही चमाचम नजर आ ते है लेकिन गली मोहल्लों का बुरा हाल है। स्वच्छता सर्वेक्षण मे पिछडने के बाद भी नगर निगम प्रशासन की आंखे नहीं खुल रही है।