भौंरा।(सांध्य दैनिक खबरवाणी) यूं तो शासन द्वारा ग्रामीण अंचलों में भी 24 घंटे बिजली सप्लाई के नाम पर विभिन्न कार्यों के नाम पर अरबों रुपये खर्च किए गए हैं और हर साल 2 से 3 बार मेंटेनेंस करने के दावें भी किए जाते हैं, लेकिन गांवों में बिजली व्यवस्था के आज भी हाल बेहाल हैं। बदहाली का यह आलम शाहपुर तहसील के ग्राम कोटमी में आसानी से देखा जा सकता है। यहां जून-जुलाई माह में आंधी-तूफान में पोल गिरने से जो बिजली सप्लाई बंद हुई है तो आज तक भी शुरू नहीं हो पाई है। इसके चलते यहां ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं बिजली के अभाव में उनकी फसल तक सूख गई। 

विगत जून-जुलाई महीने में आंधी-तूफान के कारण क्षेत्र के कई गांवों में बिजली के पोल जमींदोज हो गए थे। इसी दौरान शाहपुर तहसील के ग्राम कामठी के भी 4 पोल गिर कर क्षतिग्रस्त हो गए थे। बिजली कंपनी ने अन्य ग्रामों में तो सुधार कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी थी, लेकिन कामठी गांव में गिरे पोलों की जगह आज तक दूसरे पोल लगाकर बिजली शुरू नहीं की गई है। इन 4 महीनों में मौके पर केवल 4 पोल भर पहुंच सके हैं। ग्रामीण राजेश चौरे, पुरूषोत्तम चौरे, श्रीपथ वर्मा, अंजेश किशन, गुलाब रामाधार, रामविलास दसडू का कहना है कि न केवल यह पोल लाने में उन्होंने मदद की बल्कि इसका खर्च भी उन्होंने उठाया है। पोल आ तो गए हैं, लेकिन आज तक इन्हें लगाया नहीं गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के अभाव में उनकी धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। उन्होंने शाहपुर कार्यालय में भी कई बार इस संबंध में शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। क्षेत्रीय लाइनमेन राजेश से कहने पर उन्होंने दो-चार दिन में पोल खड़े कर बिजली शुरू करने का आश्वासन दिया है। इस संबंध में बैतूल उत्तर संभाग के कार्यपालन अभियंता बीएस कुशवाह का कहना है कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं इसे दिखवा लेता हूं और जो भी समस्या होगी, उसका निराकरण कर जल्द से जल्द बिजली सप्लाई शुरू करवाई जाएगी।