बैतूल।(सांध्य दैनिक खबरवाणी) प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी गुरू पूर्णिमा के शुभ अवसर पर डागा फाउण्डेशन सेवानिवृत्त गुरुओं का सम्मान करेगा। उल्लेखनीय है कि डागा फाउण्डेनशन के डॉयरेक्टर एवं विधायक निलय विनोद डागा द्वारा प्रतिवर्ष गुरू पूर्णिमा के अवसर पर जैन दादावाड़ी बैतूल एवं आठनेर भव्य कार्यक्रम आयोजित कर सेवा निवृत शिक्षकों एवं गुरूओं का सम्मान किया जाता रहा है। लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पा रहे हैं, लेकिन अपनी परंपरा को कायम रखते हुए डागा फाउंडेशन द्वारा शनिवार 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षकों के घर जाकर उन्हें शॉल एवं श्रीफल से सम्मानित कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। पिछले वर्ष भी डागा फाउण्डेशन के डॉयरेक्टर एवं विधायक निलय विनोद डागा एवं डागा फाउण्डेेशन परिवार द्वारा गुरूओं के घर-घर पहुंचकर सम्मान किया था।

बच्चों की प्रतिभा निखारने में डागा फाउंडेशन ने निभाई महती भूृमिका

गौरतलब है कि शिक्षा के क्षेत्र में वैसे तो बड़े-बड़े संस्थान काम कर रहे है। जहां आर्थिक रूप से संपन्न लोग अपने बच्चों को मंहगी शिक्षा दिलवा रहे है। ऐसे में समाज का वो गरीब तबका जहां प्रतिभाएं जन्म तो लेती है। लेकिन आर्थिक अभाव में बच्चों की प्रतिभा गुमनामी के अंधेरो में गुम हो जाती है। इन्ही गरीब बच्चों की पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी लगभग 6 सालों से निभा रहे डागा फॉऊंडेशन ने कई बच्चों की प्रतिभा निखारने मेंं महती भूृमिका निभाई है और प्रयासरत है कि प्रतिभावान गरीब बच्चों को अच्छी से अच्छी तालीम मिल सकें और गरीबी के चलते प्रतिभाएं दम न तोड़ सके। डागा फॉऊंडेशन ने इस प्रयास के साथ-साथ एक कदम और आगे बढ़ाते हुए गुरू पूर्णिमा के पावन पर्व पर उन सेवा निवृत शिक्षकों का सम्मान करने का निर्णय लिया जिन्होंने अपनी शिक्षा के बलबूते पर विद्यार्थियों को अंधकार से निकालकर उजाले से रूबरू कराया। विगत वर्षों में फाउंडेशन द्वारा जैन दादावाड़ी परिसर व आठनेर में सैकड़ों सेवानिवृत्त गुरूजनों को सम्मानित किया गया। वृहद स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में आत्मीय सम्मान पाकर गुरूजन भी अभिभूत हुए हैं। 

गुरु पूर्णिमा का महत्व

भारतीय संस्कृति में गुरु का बहुत महत्व है और आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को गुरु के लिए ही समर्पित किया गया है। इस पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन गुरुओं की पूजा-सम्मान किया जाता है और उनका आशीर्वाद लिया जाता है। दुनिया में मां के बाद गुरु को ही सबसे ऊंचा स्थान दिया गया है। इस बार 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा।