बैतूल।(सांध्य दैनिक खबरवाणी) बैतूल-ओबेदुल्लागंज फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य करने वाली ट्रांसटॉय कंपनी का ठेका टर्मिनेट होने और कंपनी के दिवालिया होने पर कंपनी के ऊपर बकाया कर्ज और किराया वसूलने को लेकर मामला उलझता जा रहा है। नीमपानी कैंप में ट्रांसटॉय के सामान की नीलामी के बाद सामान खरीदने वालों के द्वारा जमीन मालिकों को नीलामी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न कराने और जमीन का किराया लेने को लेकर जमीन मालिकों ने अधिकारियों और शाहपुर थाने में पहले आवेदन दिए थे। जमीन मालिकों का आरोप है कि उनके आवेदनों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके कारण उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी है। जमीन मालिकों का कहना है कि जब तक न्यायालय का फैसला नहीं होता, तब तक सामान नहीं उठेगा। न्यायालय का जो फैसला होगा, उसे हम मान्य करेंगे। 

ट्रांसटॉय कंपनी को अपनी कृषि भूमि सामान रखने के लिए किराए पर देने वाले जमीन मालिकों ने न्याय पाने के लिए अधिकारियों और शाहपुर थाने में आवेदन दिए हैं। आवेदिका फुलवाबाई पत्नी कन्हैयालाल ठाकुर निवासी नीमपानी, गुलाब बाई पत्नी कुबेरसिंह राजपूत निवासी नीमपानी एवं केसरबाई यादव निवासी नीमपानी ने अपनी जमीन ट्रांसटॉय कंपनी को 5 साल के लिए किराए से दी थी। इसका अनुबंध किया गया था। वर्ष 2017 में अनुबंध समाप्त हो गया। कंपनी का काम बंद हो जाने से पूरा सामान उनकी जमीन पर रखा है। सामान की देखरेख के लिए कंपनी ने सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए थे। 11 जून 2021 को दिए गए इस आवेदन में बताया गया कि अतहर और पंकज बजोरिया के साथ 3-4 लोगों ने आकर उन्हें बोला कि तुम्हारी जमीन में जो वाहन, गिट्टी तथा अन्य सामान रखा है, वह हमारा है। इसकी चोरी नहीं होना चाहिए। जमीन मालिकों का कहना यह भी है कि कंपनी उक्त सामग्री के संबंध में किसी भी प्रकार का विक्रय की कार्यवाही करेगी तो प्रथम सूचना जमीन मालिकों को देनी पड़ेगी, क्योंकि जमीन मालिकों का किराया अभी बकाया है। किराया वसूली के लिए भोपाल न्यायालय में प्रकरण भी प्रस्तुत किया गया है। न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने और निर्णय होने के बाद ही कोई कार्यवाही हो सकेगी। 

शाहपुर थाने में भी दिया था आवेदन 

नीमपानी निवासी गुलाबबाई पत्नी कुबेरसिंह राजपूत ने 24 मार्च 2020 को शाहपुर थाने में आवेदन दिया था कि उन्होंने अपनी जमीन ट्रांसटॉय कंपनी को किराए से दी है। कंपनी ने सिर्फ 2012 में किराया दिया। उसके बाद न तो किराया दिया और न ही किसी तरह का जमीन मालिकों से संपर्क किया गया। भोपाल के नीलेश राय तथा कोई वर्मा आए दिन जमीन मालिकों को धमकी देते हैं कि जमीन पर नहीं जाना, नहीं तो कुछ भी हो सकता है। इन्होंने जमीन पर 6 चौकीदार रखवा दिए हैं जो आए दिन ट्रांसटॉय कंपनी के सामान की चोरी करवाते हैं तथा किसानों को वहां जाने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। गुलाब बाई का कहना है कि पुलिस ने हमारे आवेदन पर कोई कार्यवाही नहीं की। अब सामान उठवाने के लिए हमारे ऊपर दबाव बनाया जा रहा है। गुलाब बाई का यह भी कहना है कि पिछले कुछ दिनों से पंकज बजोरिया और अतहर हुसैन हमसे संपर्क में है और किराया देने की बात कह रहे हैं, लेकिन आज तक कोई किराया नहीं दिया है। किराया कम करने की बात भी कर रहे हैं, लेकिन हमने जब किराया कम नहीं किया तो हम लोगों के खिलाफ षड़यंत्र रचा जा रहा है।