बैतूल।(सांध्य दैनिक खबरवाणी) बैतूल जिले से भी पहली बार 7 नेताओं को इस जंबो समिति में स्थान दिया गया है। इसमें 5 कार्यसमिति सदस्य एवं 2 विशेष आमंत्रित के रूप में शामिल किए गए हैं। इन 7 सदस्यों में 3 आदिवासी वर्ग से डीडी उइके सांसद, ज्योति धुर्वे पूर्व सांसद एवं महेंद्रसिंह चौहान पूर्व विधायक भैंसदेही तथा 2 कुन्बी समाज से बाबा माकोड़े पूर्व जिला अध्यक्ष एवं हेमलता कुंभारे पूर्व पार्षद के अलावा जिले के सबसे प्रभावशाली नेता पूर्व सांसद, पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक हेमंत खंडेलवाल भी सदस्य बनाए गए हैं। 

बैतूल शहर में अब मोती वार्ड एक ऐसा वार्ड हो गया है जहां रहने वाले 3 भाजपा नेता एक साथ प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किए गए हैं और संभवत: ऐसा मध्यप्रदेश के किसी नगरीय क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र के किसी वार्ड में नहीं हुआ होगा। यह मोती वार्ड के साथ-साथ बैतूल के लिए भी सम्मान की बात है जिसको भाजपा ने इतना महत्व दिया है। इस वार्ड में हेमंत खंडेलवाल, बाबा माकोड़े और हेमलता कुंभारे निवास करते हैं। 

जिस बात का करते थे विरोध, वही खुद कर रहे

किसी जमाने में जब कांग्रेस प्रदेश में सत्ता में रहा करती थी, तब उसकी 150 से 200 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति हुआ करती थी। इसको लेकर हमेशा प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी आलोचना करती थी कि इतनी भारी भरकम समिति बनाकर कांग्रेस ने बड़े नेताओं का कद छोटा कर दिया है, लेकिन इस बार भाजपा ने पहले 35 और कल 403 कुल 438 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति का गठन कर सभी को चौका दिया। एक वर्ष पूर्व भाजपा में आए कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को एडजस्ट करने में यह समिति विशालकाय बनी है। ऐसा राजनैतिक समीक्षकों का कहना है। बताया जाता है कि उनके लगभग 68 समर्थक इस समिति में लिए गए हैं। 

2018 की गलती को किया दुरूस्त 

इस जंबो कार्यकारिणी में पहली बार एक साथ जिले के कुन्बी समाज के 2 नेताओं को सदस्य बनाया गया है। इसमें पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष एवं पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष तथा कई बार बैतूल विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने के लिए चर्चित रहे बाबा माकोड़े को समिति में स्थान दिया गया है। वहीं पूर्व पार्षद और बैतूल नगर पालिका अध्यक्ष पद की दावेदार हेमलता कुंभारे भी सदस्य बनाई गई हैं। चूंकि लंबे समय बाद भाजपा ने 2018 के विधानसभा चुनाव में किसी भी सीट से कुन्बी समाज को प्रतिनिधित्व नहीं दिया था। इसके परिणामस्वरूप भाजपा को बैतूल, मुलताई दोनों अनारक्षित सीटों से बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। राजनैतिक समीक्षकों का कहना है कि इसी गलती को सुधारने के लिए कुन्बी समाज के 2 सदस्यों को एक साथ समिति में स्थान दिया गया है और 2023 के विधानसभा चुनाव में बैतूल, मुलताई में से एक सीट पर कुन्बी समाज का उम्मीदवार अवश्य दिखाई देगा। 

हेमंत विरोधियों को नहीं मिला स्थान 

जिले की भाजपाई राजनीति लंबे समय से हेमंत खंडेलवाल समर्थकों और हेमंत खंडेलवाल विरोधियों में बंटी दिखाई देती है। पहली बार प्रदेश कार्यकारिणी में जिले से 7 भाजपा नेताओं को शामिल किए जाने के बावजूद इनमें एक भी हेमंत खंडेलवाल विरोधी नहीं है। जबकि भाजपा में हेमंत खंडेलवाल से राजनैतिक इत्तेफाक नहीं रखने वाले कई बड़े नाम भी सक्रिय हैं। इनमें राजा ठाकुर, सदन आर्य, जितेंद्र कपूर, प्रवीण गुगनानी प्रमुख हैं, लेकिन इनकी भाजपा हाईकमान में एप्रोच होने के बावजूद इन्हें अभी तो अवसर नहीं मिला है। वैसे अलकेश आर्य ऐसा नाम समिति में आया है जो एकला चलो की नीति पर विश्वास करता है। 

चार में से 3 विधायक बने सदस्य 

बैतूल-हरदा-हरसूद संसदीय क्षेत्र के 8 विधायकों में से 4 कांग्रेस एवं 4 भाजपा के हैं। गत दिवस घोषित की गई 438 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति में बैतूल संसदीय क्षेत्र के इन 4 भाजपा विधायकों में से 3 विधायकों को कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है। इनमें 2 मंत्री हैं। संसदीय क्षेत्र के हरसूद विधानसभा सीट के विधायक एवं वन मंत्री विजय शाह, हरदा विधानसभा सीट से विधायक एवं कृषि मंत्री कमल पटेल तथा टिमरनी विधानसभा सीट के विधायक संजय शाह (विजय शाह के भाई) को प्रदेश कार्यसमिति में सदस्य बनाया गया है, लेकिन संसदीय क्षेत्र के चौथे भाजपा विधायक एवं बैतूल जिले की दलित वर्ग के लिए आरक्षित आमला सीट के विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे को कार्यसमिति में शामिल नहीं किया गया है। हरदा से तो बनाए गए 2 सदस्यों में सिर्फ विधायकों को लिया गया है। 

संभाग के 7 में से 5 विधायक समिति में 

नर्मदापुरम संभाग के अंतर्गत बैतूल, होशंगाबाद एवं हरदा जिला आते हैं। होशंगाबाद में 4 भाजपा विधायक, हरदा में 2 एवं बैतूल में 1 भाजपा विधायक है। होशंगाबाद के 4 में से 3 विधायक सीताशरण शर्मा, विजयपाल सिंह और ठाकुरदास नागवंशी तथा हरदा जिले के 2 में से 2 विधायक कमल पटेल और संजय शाह को कार्यसमिति में सदस्य बनाया गया है। सिर्फ होशंगाबाद जिले के 1 विधायक और बैतूल जिले के एकमात्र भाजपा विधायक को कार्यसमिति में स्थान नहीं दिया गया है। प्रदेश कार्यसमिति प्रदेश के मंदसौर जिले के चारों विधायकों को, रायसेन से 3, सिहोर से 3, इंदौर से 4, रीवा के 3, शिवपुरी के 3, खंडवा के 2, भोपाल के 3, दमोह के 2, सागर के 2, अशोकनगर के 2, देवास के 2, धार के 2 एवं ग्वालियर के 2 भाजपा विधायकों को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा अन्य 20 जिलों से 1-1 भाजपा विधायक सदस्य बनाए गए हैं।