Apple के फैंस के लिए 2026 की शुरुआत थोड़ी महंगी साबित हो सकती है। नई रिपोर्ट्स के मुताबिक Apple अपनी आने वाली iPhone 18 Pro सीरीज और iPhone Air 2 को पहले से ज्यादा कीमत पर लॉन्च कर सकता है। कहा जा रहा है कि ये नए iPhone, iPhone 17 Pro के मुकाबले करीब 10 से 15 फीसदी तक महंगे हो सकते हैं। ऐसे में जो लोग नया iPhone लेने की प्लानिंग कर रहे हैं, उनके लिए यह जानना जरूरी है कि कीमत क्यों बढ़ रही है और कितनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है।
क्यों बढ़ सकती है iPhone 18 Pro की कीमत
रिपोर्ट्स के अनुसार Apple इस बार iPhone 18 सीरीज में बिल्कुल नया A20 Bionic चिपसेट देने वाला है। यह चिपसेट TSMC द्वारा 2nm टेक्नोलॉजी पर तैयार किया जाएगा। नई टेक्नोलॉजी जितनी पावरफुल होती है, उतनी ही महंगी भी पड़ती है। बताया जा रहा है कि 2nm प्रोसेस पर बने चिप्स की लागत काफी ज्यादा है, जिसकी वजह से iPhone बनाने की कुल लागत में बड़ा इजाफा हो सकता है।
A20 Bionic चिपसेट बनेगा कीमत बढ़ने की बड़ी वजह
ताइवान से आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2nm प्रोसेस पर बने चिपसेट पुराने चिप्स के मुकाबले काफी महंगे हैं। यही वजह है कि iPhone 18 Pro और iPhone Air 2 की कीमत बढ़ाने की पूरी संभावना है। अगर Apple अपना प्रॉफिट मार्जिन कम नहीं करता, तो यह बढ़ी हुई लागत सीधे ग्राहकों पर डाली जा सकती है।
स्टैंडर्ड iPhone 18 रहेगा थोड़ा सस्ता
अच्छी खबर यह है कि iPhone 18 का स्टैंडर्ड मॉडल शायद ज्यादा महंगा न हो। Apple आमतौर पर अपने नॉन-प्रो मॉडल्स में पिछली जनरेशन का चिपसेट देता है। ऐसे में iPhone 18 की कीमत में बहुत बड़ा उछाल आने की उम्मीद कम है। यानी जिन यूजर्स का बजट थोड़ा टाइट है, उनके लिए स्टैंडर्ड मॉडल एक बेहतर ऑप्शन बन सकता है।
iPhone 17 की कीमत से करें तुलना
पिछले साल iPhone 17 को भारत में करीब 82,900 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था, जिसमें 256GB स्टोरेज बेस वेरिएंट के तौर पर दी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक iPhone 18 Pro और iPhone Air 2 की कीमत में 10 से 15 फीसदी का इजाफा हो सकता है। ऐसे में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 90 हजार रुपये के आसपास या उससे ऊपर जा सकती है।
मार्केट एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं
Counterpoint जैसी कई मार्केट रिसर्च एजेंसियों का मानना है कि 2026 में लॉन्च होने वाले ज्यादातर प्रीमियम स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ेंगी। महंगे चिपसेट, नई टेक्नोलॉजी और बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट इसकी बड़ी वजह है। Apple के साथ-साथ दूसरे ब्रांड्स भी इस ट्रेंड को फॉलो कर सकते हैं।





